SESSION: 1 JUNE, 2022 {WEDNESDAY}
- Narayan Reiki Satsang Parivar Team
- Jun 1, 2022
- 4 min read
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नारायण नारायण
1 जून 2022 दैविक बुधवार सत्संग का सारांश।
सत्संग आपके लिए राजदीदी के दैविक सत्संग के खजाने से लाया गया है।
दीदी ने सत्र की शुरुआत नारायण धन्यवाद प्रार्थना से की।
दीदी ने समझाया कि ईश्वर चाहते हैं कि उनका गुणगान गाने के बजाय हमें अपने आसपास के लोगों के चेहरों
पर खुशी लानी चाहिए। नारायण कहते हैं कि लोग भगवान को खुश करने के लिए आरती गाते हैं, चालीसा
पाठ करते हैं या धार्मिक किताबें पढ़ते हैं।
यदि आप किसी एक व्यक्ति के जीवन में खुशी लाते हैं तो आपके द्वारा जमा किया गया अच्छा कर्म धार्मिक
पुस्तकों को पढ़ने या एक घंटे के मंत्र जाप करने के बराबर होगा।
दीदी ने विस्तार से बताया कि नारायण कहते हैं कि जब हम उनका गुणगान करते हैं तो वह गान उन तक
पहुंचाने के लिए कुछ ताकत चाहिए, बल चाहिए ताकि हमारे प्रशंसा के गीत उन तक पहुंचें क्योंकि हम पृथ्वी
पर रहते हैं और वह स्वर्ग में हैं।
हम में कुछ गुण जैसे सहनशक्ति, सहनशीलता, करुणा पवित्रता, अच्छाई, भलाई आदि चाहिए, अगर हम
चाहते हैं कि हमारी कृतज्ञता और गान नारायण तक पहुंचे। उनका कहना है कि हमें उनका गान गाने के
बजाय अपने माता-पिता की सराहना करनी चाहिए जिन्होंने हमें जन्म दिया और हमारा पालन-पोषण किया।
हमें अपने परिवार के सदस्यों के गुणों की सराहना करनी चाहिए। हमें अपने माता-पिता के साथ बैठने के लिए
समय निकालना चाहिए और उनसे पूछना चाहिए कि क्या उन्हें किसी चीज की जरूरत है। हमारे प्यार और
देखभाल से वे खुशी से गदगद हो उठेंगे।
कैसे पता चलता है कि एक व्यक्ति गदगद है ?? जब होठों पर मुस्कान और आंखों में खुशी के आंसू हों।
यदि आपके शब्द दूसरों को आनंद देते हैं, तो प्रशंसा और कृतज्ञता की घंटियाँ, जो आप मंदिर में बजाते हैं,
नारायण तक पहुँचती हैं।
मंदिर में बैठ कर नारायण के गुणगान गाने के बजाय, अपने माता पिता का गुणगान करो, अपने साथ रहने
वालों का गुणगान करो, उन्हें खुशी दो, नारायण की बनाई रचना के गुणगान करो,उनके चेहरे पर मुस्कान
लाओ। जब उनके चेहरों पर मुस्कान आती है तो नारायण की घंटियां बजने लगती हैं। जब आप मंदिर में सेवा
करते हैं और मंदिर में नारायण को भोग धरते हैं ... वह तो पता नहीं नारायण तक पहुंचता है या नहीं, पर
यदि आपने घर के बुजुर्गों को समय पर उनकी पसंद का भोजन करा दिया और उसे खाने के बाद उनके चेहरे
पर संतुष्टि नजर आए तो समझ लेना आपका लगाया हुआ 56 भोग नारायण ने पा लिया।
जब आप प्यार से परिवार के सदस्यों को समय पर भोजन परोसते हैं, तो वह नारायण तक पहुँच जाता है।
क्यों मंदिर में साधना नहीं कर पाने लिए परेशान होते हो ?? नारायण ने आपको 24 घंटे की निरंतर सेवा दे
रखी है ताकि आप सकारात्मक विचारों, वाणी और कर्मों के माध्यम से नारायण के संपर्क में रहें। व्यक्ति अपने
सकारात्मक दृष्टिकोण और कार्यों से नारायण से जुड़ जाता है। दीदी ने आगे विस्तार से बताया और कहा कि
कुछ गीत इतने अर्थपूर्ण होते हैं कि एक पंक्ति भी इतना गहरा संदेश देती है... भले ही एक व्यक्ति आपके लिए
तुम को देखा तो ये ख्याल आया जिंदगी धूप तुम घना सया..गाता हो, इसका मतलब है आपका जीवन
सार्थक है।
दीदी का सभी के लिए आशीर्वाद के साथ सत्र का समापन हुआ।
नारायण धन्यवाद
राज दीदी धन्यवाद
सादर सप्रेम सहित सीमा गुप्ता
प्रमुख शब्द
गुणगान, मंत्रजाप, आरती, सार्थक,मातापिता
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Narayan Narayan
Summary of 1 June 2022 Divine Wednesday Session.
The Satsang is brought to you from The Treasure box of RajDidi's Divine Satsangs.
Didi explained that The Divine wants that instead of singing his praise we should bring joy
to people around us. The Narayan says the people sing Artee, do chalisa paath or read
religious books to please The God.
If you bring joy to one person the good karma you accumulate would be equivalent to reading religious books or doing Artee for an hour.
Didi elaborated that The Narayan says when we sing his praises certain powers are requested so that our songs of praise reach him as we reside on earth and he is in heaven.
The power of certain qualities like patience, tolerance, compassion purity ,goodness etc is
required ,if we wish that our our gratitude and appreciation should reach The Narayan
He says instead of singing his praise we should appreciate our parents who have given us
birth and brought us up. We should appreciate the qualities of our family members. We
should take out time to sit with our parents and ask them if they need anything. With our
love and care they will be overwhelmed with joy. What is the sign that a person is
overwhelmed?? When there is smile on lips and tears of joy in eyes . If your words give joy
to others the bells of appreciation and gratitude , which you ring in temple reach The
Narayan:.
Instead of sitting in the temple singing praises of God ,go to your near dear ones, praise them give them joy, your songs of praise for almighty shall reach him.
When you offer sewa at the temple and bhog to The diety in the temple...their is no
guarantee that it would reach The God , but if you give favorite food to elders at home and
joy of satisfaction appears on their faces. It means that the lord has received the 56 bhog
offered by you and accepted it also.
When you serve food timely to family members with love, it reaches The lord’.
Why so much efforts for half an hour sewa in the temple?? The Narayan has given you 24
hours sewa which can be offered by positive words and deeds. A person gets associated to
The Narayan by his positive attitude and actions. Didi further elaborated and said some
songs are so meaningful even one line conveys such a deep message... even if one person
sings the line for you Tum ko dekha toh Yeh khayal aaya zindagi dhoop tum ghana saya.. it
means your life is meaningful.
Didi concluded the session with the blessings for everyone.
Narayan Dhanyawad
Raj didi Dhanyawad
Regards Mona Rauka
Keywords
Pray, Prayers, Parents, compassion, goodness
Narayan aapka Aseem Aseem Aseem dhanyvad